हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "बिहार उल अनवार" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قال الامام الهادی علیه السلام:
أذْكُرْ مَصـْرَعَكَ بَيْنَ يـَدَىْ اَهْلِكَ وَلا طَبيبٌ يَمْنَعُكَ وَلا حَبيبٌ يَنْفَعُكَ
इमाम अली नक़ी (अलैहिस्सलाम) ने फ़रमायाः
मौत का ज़िक्र अपने परिवार के सामने करो, जब कोई डॉक्टर तुम्हें मौत से नहीं बचा सकता, न ही कोई दोस्त तुम्हें फायदा पहुंचा सकता है।
बिहार उल अनवार, भाग 78, पेज 370
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